नानी

'नानी '

न से नाना ,न से 'नानी ',
नानी मेरी बड़ी सयानी ,
रोज सुनती लोरी मुझको ,
कविता गीत  कहानी ।
दूध पिलाती ,खीर खिलाती ,
मक्खन ,मिश्री ,छाछ ,
ताज़ी रोटी साथ नमक घी ,
नीबू ,चटनी ,प्याज ।
खेल खिलाती ,नये - नये  नित ,
देती नयी सिखावन ,
तेरी गोदी में आ "नानी " धन्य हुआ ये जीवन ।
*स्वर्गीय नानी की याद में कविता रूपी  श्रधा सुमन  

Comments

G.N.SHAW said…
पुराणी यादे अब दूर होती जा रही है , भाऊक कर गयी
This comment has been removed by the author.
उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ,ऐसे ही स्नेह बनाये रखियेगा ,प्रवाह पे पधारने के लिए धन्यवाद ।

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