नानी
'नानी ' न से नाना ,न से 'नानी ', नानी मेरी बड़ी सयानी , रोज सुनती लोरी मुझको , कविता गीत कहानी । दूध पिलाती ,खीर खिलाती , मक्खन ,मिश्री ,छाछ , ताज़ी रोटी साथ नमक घी , नीबू ,चटनी ,प्याज । खेल खिलाती ,नये - नये नित , देती नयी सिखावन , तेरी गोदी में आ "नानी " धन्य हुआ ये जीवन । *स्वर्गीय नानी की याद में कविता रूपी श्रधा सुमन ।