नानी कौन ?
आती याद मुझे नानी नानी कौन ? नानी मेरी माँ जी की माँ , मेरे पिता जी की सासू माँ , मेरे नाना जी की पत्नी, मेरे मामा जी और माँसी जी की माँ , मेरी मामी जी की सासू माँ, मेरे ममेरे भाई बहनों की अम्मा, मेरे सहोदरों और मौसेरे भाई बहनों की नानी , और मेरी प्यारी-प्यारी नानी , मुझे आती है अक्सर मेरी नानी की याद, जब भी होता हूँ अकेला और उदास , नानी की याद से मिलाती है मुझे प्रेरणा , बढ़ता है मेरा आत्मविश्वाश , क्योकि मै हूँ उनका अंश , जिसने सींचा है अपने खून पसीने से अपना वंश , वैसे साहित्य में तभी आती है नानी की याद , जब करनी होती है चुनौती भरी बात , कभी -कभी दोस्तों नानी को कर लिया करो याद , क्योकि नानी है रिश्तो की सबसे बड़ी खाद , अगर नानी अपनी न होती भाई, तो हम दुनिया में न देते दिखाई , और न लिखते कविता और कहानी , न आती याद मुझे नानी ,